किये तुमसे जो वादे थे उन्हें बस तोड़ आये है ।
बिना बैसाखी के पीछे तेरे हम दौड़ आये है ।
वफ़ा की राह में कंकर मिले या फिर मिले कांटे
किसी के दर पे दिल की हर तमन्ना छोड़ आये है ।
--------अनिल उपहार
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