बुजुर्गो की दुआओ का मिला जब से ख़जाना है ।
नही है बात यह झूटी मगर किस्सा पुराना है ।
अँधेरी रात में तारे करे जब खुद ही अगवानी
मुहोब्बत थी मुहोब्बत है मुहोब्बत का ज़माना है ।
---------अनिल उपहार ------
नही है बात यह झूटी मगर किस्सा पुराना है ।
अँधेरी रात में तारे करे जब खुद ही अगवानी
मुहोब्बत थी मुहोब्बत है मुहोब्बत का ज़माना है ।
---------अनिल उपहार ------
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