कभी नजरे चुराती है कभी नजरे मिलाती है ।
शरारत से भरी चितवन कभी बिजली गिराती है ।
ठहर जाता है गुजरा वक़्त धड़कन तेज होजाती
तुम्हारे मुस्कुराने की अदा पागल बनाती है ।
---------अनिल उपहार ------
शरारत से भरी चितवन कभी बिजली गिराती है ।
ठहर जाता है गुजरा वक़्त धड़कन तेज होजाती
तुम्हारे मुस्कुराने की अदा पागल बनाती है ।
---------अनिल उपहार ------
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