मेरी चाहत की कश्ती को सदा आबाद रखियेगा ।
मिलन की हर घडी होठों पे बस फरियाद रखियेगा ।
भरोसा क्या है सांसों का न जाने कब ये थम जाये ।
दुआ जब भी करों हमकों दुआ में याद रखियेगा ।
----------अनिल उपहार ------
मिलन की हर घडी होठों पे बस फरियाद रखियेगा ।
भरोसा क्या है सांसों का न जाने कब ये थम जाये ।
दुआ जब भी करों हमकों दुआ में याद रखियेगा ।
----------अनिल उपहार ------
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