दिया उम्मीद का जगमगाने को है ।
फिजा में ताजगी देखो छाने को है ।
यह किसने दरवाज़ा खुला छोड़ दिया
लगता है वो अब आने को है ।
---------अनिल उपहार ------
फिजा में ताजगी देखो छाने को है ।
यह किसने दरवाज़ा खुला छोड़ दिया
लगता है वो अब आने को है ।
---------अनिल उपहार ------
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