संशोधन के बाद पुनः --------
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टूटे हुए दिल का कभी मै प्यार लिखता हूँ ।
कभी मै दर्द में भीगे हुए अशआर लिखता हूँ ।
सिखाया है हुनर मुझकों मेरी माँ की दुआओ ने
ख़लिश को प्रीत का मै दोस्तो उपहार लिखता हूँ ।
---------अनिल उपहार -------
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टूटे हुए दिल का कभी मै प्यार लिखता हूँ ।
कभी मै दर्द में भीगे हुए अशआर लिखता हूँ ।
सिखाया है हुनर मुझकों मेरी माँ की दुआओ ने
ख़लिश को प्रीत का मै दोस्तो उपहार लिखता हूँ ।
---------अनिल उपहार -------
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