इक छुअन से देह महकी रातरानी होगयी ।
चंद लम्हे साथ गुजरे तो कहानी होगयी
आस का दीपक जला जबसे प्रिये मन देहरी पर
तुम मिले तो प्रेम सी ये जिंदगानी होगयी ।
------अनिल उपहार -----
चंद लम्हे साथ गुजरे तो कहानी होगयी
आस का दीपक जला जबसे प्रिये मन देहरी पर
तुम मिले तो प्रेम सी ये जिंदगानी होगयी ।
------अनिल उपहार -----
No comments:
Post a Comment