सात्विकता का भाव जीवन कों यहाँ भाता नही ।
जिन्दगी की साधना का गान वो गाता नहीं ।
खंडहरों की बेबसी में गूंजती है ये सदा
अब लबों पर नाम वो आता नहीं ।
--------अनिल उपहार -------
जिन्दगी की साधना का गान वो गाता नहीं ।
खंडहरों की बेबसी में गूंजती है ये सदा
अब लबों पर नाम वो आता नहीं ।
--------अनिल उपहार -------
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